Friday, 2 September 2011

anjan wrichh tuki ke naam ka hua khulasa.............avinash

 तुर्की इस्थित प्राथमिक विद्यालय में वर्सो पुराना लगा पौधा आज तक कौतुहल का विषय जरुर बना था , लेकिन अब इससे पर्दा उठने को तयार है और यह काम मुजफ्फरपुर बोत्निकल रेसेअर्च इंस्टिट्यूट, भातौलिया के संस्थापक ने अपने  अध्यन के बाद किया है| उनका कहना है की यह पौधा हमें मालूम नहीं की यहाँ के लोगो के लिय  परसनी का विषय क्यों बना  हुआ है, यह     पौधा न ही  अंजान है और न ही  कौतुहल का विषय|

इस  पौधे का   नाम अदेंसोनिया है  जो की अफ़्रीकी  देसों में काफी मात्र में पाया जाता है|
अविनाश कुमार
 भटौलिया
09931991970

Sunday, 31 July 2011


baba nagri me is tarah nach or jhoom rahe the log.........


kitna kathin hai baba ka darbar...........


is kadar umra muzaffarur me baaba ke bhakto ka jansailab


तीसरी सोमवारी को उमरा जनसैलाब, हर रास्ता जा रहा था बाबा गरीब नाथ की ओर |

तीसरी सोमवारी को उमरा जनसैलाब, हर रास्ता जा रहा था बाबा गरीब नाथ की ओर |
दो लाख से जयादा कावारिया द्वारा जलाभिषेक करने की उम्मीद |


अविनाश (का.स.):- मुजफ्फरपुर , भक्ति की धारा में पूरी तरह रविवार को दोपहर बाद ही पूरा मुजफ्फरपुर सहर तब्दील हो गया , हर सरके मानो बाबा नगरी गरीब अस्थान की ओर ही जा रहा हो , क्या मर्द , क्या बचे , क्या औरत सभी के मुख से यही निकल रहा था की , बाबा नगरिया दूर है....जाना जरुर है | शाम के चार बजते ही रामदयालु से मनो कावरियो का हुजूम उमर परा हो , हर तरफ मेला जैसा ही माहौल दिख रहा था , मर्द के साथ -साथ औरते भी गानों की थाप पर अपने आप को नाचने से नहीं रोक पा रही थी | रामदयालु सिंह कॉलेज पूरी  तरह बाबा के भक्तो से पटा परा था| भीर को देखते हुय मंदिर प्रशासन ने साम से ही बाबा का पट जलाभिषेक लिय खोल दिया , भीर इतनी जयादा थी की कावरियो की कत्तार मंदिर से लेकर कम्पनी बाग़ तक पहुच गया जिसे सँभालने में पुलिस और स्वैम्सेवी लगातार लगे हुय थे |
कावारिया रेवा इस्थित बूढी गंडक से भी जल लेकर सरैया होते हुय बाबा गरीब नाथ मंदिर पहुच रहे थे , वही अन्य नदियो से भी लागातार कावरियो का आना लगा हुआ था | सभी सरके गेरुआ  रंग से पटा हुआ था , बाबा के भक्त इतने दीवाने थे की कोई गजा पिने में लीन था तो कोई भाँग खा रहा था | इस बार के रिकॉर्ड तोर भीर को देखते हुय प्रशासन भी पूरी तरह चौकस थी |