तीसरी सोमवारी को उमरा जनसैलाब, हर रास्ता जा रहा था बाबा गरीब नाथ की ओर |
दो लाख से जयादा कावारिया द्वारा जलाभिषेक करने की उम्मीद |
अविनाश (का.स.):- मुजफ्फरपुर , भक्ति की धारा में पूरी तरह रविवार को दोपहर बाद ही पूरा मुजफ्फरपुर सहर तब्दील हो गया , हर सरके मानो बाबा नगरी गरीब अस्थान की ओर ही जा रहा हो , क्या मर्द , क्या बचे , क्या औरत सभी के मुख से यही निकल रहा था की , बाबा नगरिया दूर है....जाना जरुर है | शाम के चार बजते ही रामदयालु से मनो कावरियो का हुजूम उमर परा हो , हर तरफ मेला जैसा ही माहौल दिख रहा था , मर्द के साथ -साथ औरते भी गानों की थाप पर अपने आप को नाचने से नहीं रोक पा रही थी | रामदयालु सिंह कॉलेज पूरी तरह बाबा के भक्तो से पटा परा था| भीर को देखते हुय मंदिर प्रशासन ने साम से ही बाबा का पट जलाभिषेक लिय खोल दिया , भीर इतनी जयादा थी की कावरियो की कत्तार मंदिर से लेकर कम्पनी बाग़ तक पहुच गया जिसे सँभालने में पुलिस और स्वैम्सेवी लगातार लगे हुय थे |
कावारिया रेवा इस्थित बूढी गंडक से भी जल लेकर सरैया होते हुय बाबा गरीब नाथ मंदिर पहुच रहे थे , वही अन्य नदियो से भी लागातार कावरियो का आना लगा हुआ था | सभी सरके गेरुआ रंग से पटा हुआ था , बाबा के भक्त इतने दीवाने थे की कोई गजा पिने में लीन था तो कोई भाँग खा रहा था | इस बार के रिकॉर्ड तोर भीर को देखते हुय प्रशासन भी पूरी तरह चौकस थी |